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'हर घर जल' के दावों में सूखी पाइपलाइन, बूंद-बूंद पानी को तरसते ग्रामीण, शिकायतों और खबरों के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, महमूदपुर में एक साल से ठप पड़ी जलापूर्ति ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
- दैनिक लोक भारती
- 02 Jul, 2026
सूरतगंज (बाराबंकी)। सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल' योजना के दावे भले ही कागजों पर पूरे दिखाई दे रहे हों, लेकिन रामनगर तहसील के सूरतगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुल्तानापुर के मजरे महमूदपुर में हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां ग्रामीणों के लिए बनाई गई पेयजल योजना की टंकी मानो केवल शोपीस बनकर रह गई है। हालात यह हैं कि पिछले करीब एक वर्ष से जलापूर्ति पटरी पर नहीं लौट सकी, जबकि बीते दो माह से अधिकांश घरों की टोटियां पूरी तरह सूखी पड़ी हैं।
शिकायतें हुईं, खबरें भी छपीं... मगर व्यवस्था की नींद नहीं टूटी
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया। स्थानीय स्तर पर शिकायतें भी दर्ज कराई गईं और समाचार माध्यमों के जरिए भी मामला उठाया गया, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। नतीजा यह है कि आज भी लोग पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं और विभागीय दावों की पोल खुलती नजर आ रही है।
दूषित पानी का खतरा, अब आंदोलन की तैयारी
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ घरों में आने वाला पानी भी दूषित है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जिस पानी टंकी से पूरे क्षेत्र की प्यास बुझनी थी, वही अब उपेक्षा की मिसाल बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और टंकी की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे सामूहिक रूप से प्रशासन के समक्ष प्रदर्शन करने को विवश होंगे।ग्रामीणों का तंज है कि फाइलों में नल लगातार बह रहे हैं, लेकिन गांव की हकीकत में टोटियां महीनों से सूखी हैं। अब लोगों को इंतजार इस बात का है कि जिम्मेदारों की नींद पहले खुलेगी या फिर अगली गर्मी आ जाएगी।
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